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Showing posts from September, 2023

Pitra Dosh ke Upay: आ रही है रुकावट हर काम में , तो हो सकता है पितृ दोष, इन 11 उपायों से दूर होगा पितृ दोष

  कहते हैं जिस व्यक्ति के घर में पितृ दोष लगा होता है उनकी उन्नति में रुकावट आती है। ज्योतिष के अनुसार पितृदोष के कारण सभी तरह के मांगलिक कार्य रुक जाते हैं।  यदि व्यक्ति के जीवन में उसके कार्यो में बाधा आ रही है और घर का कोई सदस्य बीमार रहता है संतान नहीं हो रही है तो ये सभी करने से पता चलता की आपको पितृ दोष है |  ऐसे में पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए  हिन्दू एवं  ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं। Pitra Dosh ke Upay यदि घर में पितृ दोष लगा हो तो व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अच्छा खासा कमाने के बाद भी आर्थिक स्थिति नहीं सुधरती। ऐसे में आप पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए ज्योतिष के ये उपाय कर सकते हैं। क्या होता है पितृ दोष जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार विधि-विधान से नहीं किया जाता या फिर किसी व्यक्ति की अकाल मृत्यु हो जाती है तो ऐसे में उस व्यक्ति के परिवार को पितृ दोष का सामना करना पड़ता है। क्या हैं पितृ दोष जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है उन्हें जीवन में काफी कुछ झेलना पड़ता है। उन लोगों के विवाह में अड़चन आती हैं। पित

Khatu Shyam ji Ekadashi 2024 List: साल 2024 में पड़ रही है कुल 25 एकादशियां, देखें पूरी लिस्ट 2024

  हिंदू कैलेंडर के अनुसार नया साल हिंदू धर्म के लिए काफी खास होने वाला है। क्योंकि इस साल की शुरुआत रविवार से हो रही है। ऐसे में सूर्य का आधिपत्य अधिक होगा। वहीं व्रत त्योहारों की बात करें, तो कई खास पर्वों के साथ एकादशी का पर्व हर साल मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह पड़ता है जिसे अधिक मास के नाम से जानते हैं। इसी कारण इस साल 24 के बदले 25 एकादशी पड़ रही है। Must Read Top 8 Khatu Shyam Ji Whatsapp Status 2024 हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 25 एकादशियां पड़ती है। हर मास में 2 एकादशी पड़ती है पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत को रखने के साथ विधिवत पूजा करने से सभी पापों, समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साल 2024 की पहली एकादशी पौष पुत्रदा एकादशी 21 जनवरी को पड़ रही है। माना जाता है कि इस दिन विधिवत पूजा करने से श्री हरि विष्णु वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। साल 2024 की बात करें तो पूरी 25 एकादशी पड़ रही है। आइए जानते हैं

Khatu Shyam ji Ekadashi 2023 List: साल 2023 में पड़ रही है कुल 26 एकादशियां, देखें पूरी लिस्ट

हिंदू कैलेंडर के अनुसार नया साल हिंदू धर्म के लिए काफी खास होने वाला है। क्योंकि इस साल की शुरुआत रविवार से हो रही है। ऐसे में सूर्य का आधिपत्य अधिक होगा। वहीं व्रत त्योहारों की बात करें, तो कई खास पर्वों के साथ एकादशी का पर्व हर साल मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह पड़ता है जिसे अधिक मास के नाम से जानते हैं। इसी कारण इस साल 24 के बदले 26 एकादशी पड़ रही है। Must Read  Khatu Shyam ji Ekadashi 2024 List: साल 2024 में पड़ रही है कुल 25 एकादशियां, देखें पूरी लिस्ट 2024 हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 24 एकादशियां पड़ती है। हर मास में 2 एकादशी पड़ती है पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत को रखने के साथ विधिवत पूजा करने से सभी पापों, समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साल 2023 की पहली एकादशी पौष पुत्रदा एकादशी 2 जनवरी को पड़ रही है। माना जाता है कि इस दिन विधिवत पूजा करने से श्री हरि विष्णु वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

पितृ पक्ष में न करें ये गलतियां, जानें श्राद्ध करने की तिथियां Pitru Paksha 2023 Kab se shuru ho rahe hain

Pitru Paksha 2023 kab hai: इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर, शुक्रवार से होने जा रही और इनका समापन 14 अक्टूबर को होने जा रहा है. पूर्वजों को समर्पित यह विशेष समय आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से प्रारंभ होकर अमावस्या तक के 15 दिनों की अवधि पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध पक्ष कहलाती है. परिवार के जिन पूर्वजों का देहांत हो चुका है, उन्हें पितृ मानते हैं. व्यक्ति की मृत्यु के बाद जब तक उसका जन्म नहीं हो जाता, वो सूक्ष्म लोक में रहता है. मानते हैं कि पितरों का आशीर्वाद सूक्ष्मलोक से परिवार वालों को मिलता है. पितृपक्ष में पितृ धरती पर आकर अपने लोगों पर ध्यान देते हैं और उन्हें आशीर्वाद देकर उनकी समस्याएं दूर करते हैं.  पितृ पक्ष का महत्व पितृ कृपा से जीवन में आने वाली कई प्रकार की रुकावटें दूर होती हैं. मान्यता है कि पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण करने से पितर प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं. व्यक्ति को कई तरह की दिक्कतों से भी मुक्ति मिलती है. पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण का खास महत्व होता है. श्राद्ध न होने की स्थिति में आत्मा को पूर्ण मुक्ति नहीं मिलती. पितृ पक्ष में नियमित रूप से